महिला सुरक्षा- राजस्थान में सच बोलना अपराध
मंत्री राजेंद्र गुढ़ा ने विधानसभा में महिला सुरक्षा को लेकर अपनी ही सरकार को नसीहत देने पर मुख्या मंत्री श्री अशोक गहलोत द्वारा मंत्री राजेंद्र गुढ़ा को बर्खास्त किया जाना साबित करता है कि राज्य में सच बोलना अपराध है|
ज्ञात हो कि आंकड़े के मुताबिक राजस्थान महिला हिंसा के मामलों में पिछले 3 साल से पहले पायदान पर रहा है। राजस्थान में पिछले ढाई सालों में दुष्कर्म के 13,890 केस दर्ज हुए हैं। इनमें से 11,307 दुष्कर्म नाबालिग लड़कियों के है| यह एक बहुत गम्भीत मसला है जिस पर सरकार द्वारा तुरंत संज्ञान लेने की आवश्यकता है| राज्य की कांग्रेस सरकार उल्टा केन्द्र सरकार को नसीहत दे रही है जबकि राज्य में कानून व्यवस्था बिलकुल चरमराई हुई है|
ऐसे में मंत्री गुढ़ा जी का सच बोलना लाज़मी है, फिर चाहे पद ही क्यों न दांव पर लगाना पड़े|
अब अगली बारी कांग्रेस विधायक दिव्या मदेरणा की हो सकती है|
सूत्रों के मुताबिक मंत्री गुढ़ा कांग्रेस (पायलट) खेमे के कारण पहले से ही सरकार के रेडार पर थे, बयान तो बहाना मात्र हो सकता है| अपने गिरेबान में झांकने की जरूरत बताना गलत कैसे हो सकता है??
लड़की हूं लड़ सकती हूँ, का दावा भी बातूनी साबित हुआ....
उक्त विचार लेखिका के निजी है
सुमिता भींचर