मंगलवार, 13 फ़रवरी 2024

रामराज्य - 21वीं सदी और विकसित भारत परिकल्पना

 रामराज्य - 21वीं सदी और विकसित भारत परिकल्पना

कई दशकों के पश्चात दिनांक 22 जनवरी 2024 को यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के कर कमलों द्वारा रामलला का प्राण प्रतिष्ठा की गयी है अयोध्या नगरी में हुआ यह कार्य एक ऐतिहासिक क्षण था जिसके लिए अपने खून पसीने एवं प्राणों तक की आहुति देने वालों विभूतियों के प्रति उनके अविस्मरणीय योगदान को सादर नमन करती हूँ। मैं समझती हूँ कि हम सभी बहुत भाग्यशाली हैं जिन्हें यह ऐतिहासिक पल देखने एवं अनुसरण करने का सुअवसर प्राप्त हुआ। वैश्विक स्तर पर रामराज्य की की चाह अंग्रेजी शासन से मुक्ति के बाद से ग्राम स्वराज के रूप में की गयी थी। हाल ही में अबू धाबी (संयुक्त अरब अमीरात) में निर्मित पहले हिंदू मंदिर का उद्घाटन यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के कर कमलों द्वारा दिनांक 14 फरवरी 2024 को किया जाना है! आइए हम भी इस अविश्वसनीय शिल्प कौशल की सराहना करें

मर्यादा पुरुषोत्तम प्रभु श्री राम जी हम सभी के प्रेरणा स्रोत तथा रोम रोम, कण कण में विराजमान हैं। प्रभु श्रीराम हमारे जीवन का मूल मंत्र जो है आज भारत के अलावा अन्य देशों में भी प्रभु श्रीराम और उनके आदर्शों का प्रेरणा स्वरुप अनुसरण किया जाता है प्रभु श्री राम जी सर्व समाज, धर्म के लोगों के मन में बसते हैं तथा ऐसा कर हम कलयुग में भी त्रेता युग का एहसास कर रहे हैं।

इतिहासकारों के अनुसार त्रेता युग में तो जनता दैविक और भौतिक तापों से कोसों दूर थी तथा सभी लोग सुखी एवं निरोगी थे। किसी प्रकार का कोई भय व्यापत नहीं था। गुरुकुल व्यवस्था से सभी स्वस्थ, बुद्धिमान, साक्षर, गुणज्ञ, ज्ञानी तथा कृतज्ञ थे। सभी धर्मों की पालना होती थी, पाप तो बिलकुल ही नहीं था मनुष्य का आचरण उदाहरणीय था। सभी मनुष्यों में देवता निवास करते थे तथा पीड़ा नाम की कोई चीज़ नहीं थी। न कोई भ्रष्टाचार, न अत्याचार, न कोई रिश्वतखोरी, न ही छल कपट इत्यादि। समाज में नारी का स्थान सम्मानीय एवं महत्वपूर्ण था। नर - नारी दोनों पूजनीय थे। दहेज़, तीन तलाक एवं बली इत्यादि कुप्रथा बिलकुल नहीं थी इस प्रकार से सभी के हृदय में देव रमते थे। 
राम राज नभगेस सुनु सचराचर जग माहिं।
काल कर्म सुभाव गुन कृत दुख काहुहि नाहिं।।

मोदी सरकार (भाजपा सरकार) द्वारा हाल ही में विकसित भारत संकल्प यात्रा के तहत भारत देश दुनिया के लोगों को यह संदेश देने का संकल्प लिया है तथा लाभान्वित कार्य जारी है। इस प्रकार से एक राम राज्य, अच्छी लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए सरकार लगातार प्रयासरत है तथा समानता, स्वतंत्रता, भाईचारा, सहिष्णुता और विश्व बंधुत्व का संदेश जन जन तक पहुँचाया जा रहा है।

मर्यादा पुरुषोत्तम श्री राम जी को अपना आदर्श मान कर हम सभी अपने निजी जीवन में उनके आदर्शों को आचरण में उतार कर विकसित भारत में अपना अमूल्य योगदान कर सकते हैं। जहाँ कलियुग में व्याप्त विभिन्न प्रकार की समस्याओं जैसे भ्रष्टाचार, दहेज प्रथा, तीन तलाक, भेदभाव, रिश्वतखोरी, बलि प्रथा इत्यादि को मिटाना है।
चूँकि भारत की अधिकांश जनता गाँवों में निवास करती है हर एक गांव में देवी देवताओं की पूजा एवं मेले इत्यादि का आयोजन एक सामाजिक सौहार्द्रता की पहचान है।

सरकार का योगदान एवं भागीदारी

ग्रामीण क्षेत्रों में भी शहरी व्यवस्था मुलभुत सुख सुविधाएँ जैसे शिक्षा, चिकित्सा,  स्वच्छ पेयजल, बिजली, सड़क इत्यादि सुनिश्चित करनी होगी तथा इस मिशन में सरकार द्वारा प्रायोजित विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं को जन जन तक पहुँचाना होगा। 
अब ग्रामीण क्षेत्रों में भी कोईअशिक्षित नहीं होगा तथा कोई भी इलाज सुविधा के कारण दम नहीं तोड़ेगा। सरकार को आदर्श शासन व्यवस्था, ग्रामीण क्षेत्रों में भी प्रक्षिशण एवं रोज़गार हेतु कार्यक्रम चलाने होंगे। 
हाल ही में घोषित पीएम सूर्योदय योजना देश के गरीब व मध्यम वर्गीय परिवारों के घरों में हितकारी होगी। महिला सम्मान बचत पत्र योजना, उज्जवला योजना, सुकन्या समृद्धि, मातृ वंदना, आत्मनिर्भर भारत रोजगार योजना, प्रधानमंत्री रोजगार प्रोत्साहन योजना, राष्ट्रीय करियर सेवा, ग्रामीण कौशल योजना, ग्रामीण स्वरोजगार और प्रशिक्षण, रोजगार सृजन कार्यक्रम, मुद्रा योजना, शिक्षुता प्रोत्साहन योजना यक़ीनन मोदी की गारंटी पर जनता जनार्दन को पूरा भरोसा जो है। 
डिजिटल इंडिया, मेक इन इंडिया, स्टैंड अप इंडिया योजना, स्टार्ट-अप इंडिया, स्वच्छ भारत मिशन, श्रम योगी मान-धन, राष्ट्रीय पेंशन योजना, वनज्योति बीमा योजना, सुरक्षा बीमा योजना, अटल पेंशन योजना,जन आरोग्य योजना, किसान मानधन योजना इत्यादि विकसित भारत में बहुत हितकारी साबित होगी। 
देश के महापुरुषों की वीर गाथा पाठ्यक्रम में जोड़नी होगी तथा शिक्षा के क्षेत्र में हिन्दू संस्कृति, सनातन एवं नैतिक मूल्यों पर अधिक ज़ोर दिया जाना जरुरी होगा। पवित्र आचरण और व्यवहार कुशल शिक्षित समाज जरूरी हो।
भ्रष्टाचार, गरीब एवं कमजोर वर्ग के लोगों के साथ कोई भेदभाव तथा शोषण नहीं हो। लूटपाट रिश्वतखोरी पेयजल समस्या सड़क बिजली पानी इत्यादि की समस्या बिलकुल नहीं हो तथा सभी वर्ग देश के हित में कार्य करते हुए मिलजुल कर भारत को विकसित देश बनाने हेतु संकल्पित जरूरी हो। 
मातृ सशक्तिकरण, महिलाओं को सम्मान सशक्त भारत की पहचान बनेगी, तभी तो हम सब मिलकर भारत को विश्व गुरु बना पाएंगे।

जन भागीदारी

प्रभु श्री राम जी के आचरण को अपने जीवन में उतारने का संकल्प लेकर हर भारतीय राम राज्य में अपनी आहुति देकर तथा इस कलियुग में भी सामाजिक कुरीतियों भेदभाव, जाति, पर्दा प्रथा, धर्मान्तरण, अशान्ति, अतिक्रमण, खून-खराबा, उत्पीड़न जैसी समस्याओं से निजात पाकर राम राज्य स्थापित करने में भी अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभायेंगे। आज के युग में जहां आतंकवाद, गृह युद्ध, पर्यावरण, प्रदूषण इत्यादि विश्व के संकट है, इन सभी से निपटना होगा। शांतिपूर्वक, विकास की गंगा बहानी होगी, युद्ध, परमाणु हथियार आदि ख़त्म करने होंगे।
इस प्रकार संपूर्ण दुनिया धीरे धीरे राम राज्य में तब्दील हो जाएगी और भारत विश्वगुरु बन कर अपना परचम दुनिया में लहराएगा। सभी नर नारी प्रभु श्री राम जी के रंग में रंग जायेंगे। ऐसा कर कलयुग में भी भारत भू (हिन्द) फिर से स्वर्ण नगरी, स्वर्ग बन जाएगी। 

सर्वे भवन्तु सुखिनः सर्वे सन्तु निरामया। सर्वे भद्राणि पश्यन्तु मा कश्चित् दुःखभाग् भवेत्।।

जानकारों के अनुसार अयोध्या, काशी एवं मथुरा नगर रामराज्य का नाभि क्षेत्र होगा। जय जय सियाराम !!

(उपरोक्त लेखिका के निजी विचार है)

"भारत माता की जय" 

लेखिका ,

                                                                                         
सुमिता भींचर, प्रधान
भाजपा प्रत्याशी, विधानसभा क्षेत्र मकराना-113 (राजस्थान)
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